जैन धर्म में ‘त्रिरत्न’ का अर्थ क्या है?

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जैन धर्म में 'त्रिरत्न' का अर्थ क्या है?
  • A. बुद्ध, धम्म, संघ
  • B. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
  • C. तप, सेवा, दान
  • D. सत्य, अहिंसा, अस्तेय
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