जैन धर्म में ‘त्रिरत्न’ का अर्थ क्या है?

Admin
0 Min Read
जैन धर्म में 'त्रिरत्न' का अर्थ क्या है?
  • A. बुद्ध, धम्म, संघ
  • B. तप, सेवा, दान
  • C. सत्य, अहिंसा, अस्तेय
  • D. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
Share This Article
Leave a Comment