किस सूफी संत ने ‘योग’ की पुस्तक ‘अमृतकुंड’ का अरबी और फारसी में अनुवाद ‘बहर-उल-हयात’ के नाम से किया?

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किस सूफी संत ने 'योग' की पुस्तक 'अमृतकुंड' का अरबी और फारसी में अनुवाद 'बहर-उल-हयात' के नाम से किया?
  • A. गेसूदराज
  • B. निजामुद्दीन औलिया
  • C. सलीम चिश्ती
  • D. मुहम्मद गौस ग्वालियर
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