- A. चंद्रगुप्त मौर्य
- B. अशोक
- C. हर्षवर्धन
- D. कनिष्क
Explanation
प्रथम जैन संगीति के समय वैचारिक मतभेद के कारण यह विभाजन हुआ।
- A. सम्यक ज्ञान
- B. सम्यक दर्शन
- C. सम्यक चरित्र
- D. सम्यक वाणी
Explanation
जैन धर्म के त्रिरत्न हैं: सम्यक दर्शन (श्रद्धा), सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र (आचरण)।
- A. कर्म के शुभ और अशुभ फल से
- B. जाति व्यवस्था से
- C. ईश्वर की कृपा से
- D. केवल स्वर्ग जाने से
Explanation
शुभ कर्मों से पुण्य का आश्रव होता है और अशुभ कर्मों से पाप का।
- A. जैनों ने
- B. सांख्य ने
- C. मीमांसा ने
- D. बौद्धों ने
Explanation
बौद्ध धर्म के 'अपोह' (नकारात्मकता के माध्यम से परिभाषा) के विरुद्ध जैनों ने 'स्याद्वाद' का पक्ष लिया।
- A. जो अभी तपस्या कर रहे हैं
- B. जो राजा के सलाहकार हैं
- C. जिनकी आत्मा जन्म-मरण से मुक्त हो गई है
- D. जो केवल उपदेश देते हैं
Explanation
अष्ट कर्मों को नष्ट कर जो मोक्ष पा चुके हैं, उन्हें सिद्ध कहा जाता है।
- A. मौन व्रत
- B. पवित्र स्नान
- C. उपवास द्वारा प्राण त्यागना
- D. शास्त्रों का वाचन
Explanation
जैन धर्म में अहिंसक तरीके से उपवास करके शरीर त्यागने की विधि को संलेखना या संथारा कहा जाता है।
- A. तप, सेवा, दान
- B. सत्य, अहिंसा, अस्तेय
- C. बुद्ध, धम्म, संघ
- D. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
Explanation
जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए इन तीन रत्नों का पालन आवश्यक माना गया है।
- A. सम्प्रति
- B. अशोक
- C. बिन्दुसार
- D. चंद्रगुप्त मौर्य
Explanation
चंद्रगुप्त मौर्य भद्रबाहु के साथ श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) चले गए और वहाँ उपवास (संलेखना) द्वारा शरीर त्यागा।
- A. भगवती सूत्र
- B. कल्पसूत्र
- C. आचारांग सूत्र
- D. परिशिष्टपर्वन (हेमचंद्र द्वारा)
Explanation
हेमचंद्र कृत परिशिष्टपर्वन में मौर्यकालीन अकाल और चंद्रगुप्त के जैन धर्म अपनाने की पुष्टि होती है।
- A. भगवती सूत्र
- B. परिशिष्ट पर्वन
- C. आचारांग सूत्र
- D. कल्पसूत्र
Explanation
जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' और बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' दोनों में 16 महाजनपदों का उल्लेख है।
- A. पावापुरी
- B. लुम्बिनी
- C. सारनाथ
- D. कुशीनगर
Explanation
72 वर्ष की आयु में राजगृह के पास पावापुरी में मल्ल राजा हस्तिपाल के यहाँ उन्हें निर्वाण प्राप्त हुआ।
- A. शैव धर्म
- B. बौद्ध धर्म
- C. जैन धर्म
- D. वैष्णव धर्म
Explanation
तिरूतक्कदेवर (एक जैन मुनि) द्वारा रचित यह ग्रंथ जैन दर्शन की शिक्षाओं से ओतप्रोत है।
- A. आत्मा के भावों या मानसिक स्थिति के रंग
- B. मंदिर की वेदी
- C. एक प्राचीन लिपि
- D. भोजन के प्रकार
Explanation
जैन धर्म में छह लेश्याएं मानी गई हैं (जैसे कृष्ण, नील, कापोत आदि), जो व्यक्ति के कर्मों और विचारों की शुद्धि को दर्शाती हैं।
- A. श्वेतांबर
- B. थेरवादी
- C. दिगंबर
- D. स्थानकवासी
Explanation
मगत में अकाल के समय स्थूलभद्र के नेतृत्व वाले अनुयायियों ने सफेद वस्त्र अपनाए, जिन्हें श्वेतांबर कहा गया।
- A. पुराण
- B. आगम
- C. जातक
- D. त्रिपिटक
Explanation
जैन साहित्य को 'आगम' कहा जाता है जिसमें 12 अंग, 12 उपांग, 10 प्रकीर्ण आदि शामिल हैं।
- A. लिच्छवी
- B. शाक्य
- C. मल्ल
- D. कोलिय
Explanation
त्रिशला वैशाली के लिच्छवी राजा चेतक की बहन थीं, जिससे महावीर का संबंध उस समय के शक्तिशाली राजवंशों से था।
- A. शैव धर्म
- B. बौद्ध धर्म
- C. जैन धर्म
- D. वैष्णव धर्म
Explanation
हाथीगुम्फा अभिलेख के अनुसार खारवेल जैन धर्म का प्रबल अनुयायी था।
- A. अहिंसा करना
- B. झूठ न बोलना
- C. चोरी न करना
- D. ब्रह्मचर्य का पालन
Explanation
अस्तेय का अर्थ है बिना अनुमति के किसी की वस्तु न लेना।
- A. मल्लिनाथ
- B. अजीतनाथ
- C. ऋषभदेव
- D. नेमिनाथ
Explanation
ऋषभदेव (आदिनाथ) को जैन धर्म का संस्थापक और प्रथम तीर्थंकर माना जाता है।
- A. आदिपुराण
- B. महापुराण
- C. पउमचरिउ (Paumachariu)
- D. कुवलयमाला
Explanation
विमल सूरी द्वारा रचित पउमचरिउ को जैन संस्करण की रामायण माना जाता है।
- A. कर्म का आत्मा की ओर प्रवाह
- B. आत्मा में कर्म के प्रवाह को रोकना
- C. मोक्ष की प्राप्ति
- D. पूर्व संचित कर्मों का विनाश
Explanation
जब नए कर्मों का आत्मा में प्रवेश रुक जाता है, तो उसे संवर कहते हैं।
- A. कृष्ण प्रथम
- B. गोविंद तृतीय
- C. अमोघवर्ष
- D. दन्तिदुर्ग
Explanation
अमोघवर्ष जैन धर्म का महान संरक्षक और स्वयं एक विद्वान लेखक था।
- A. अरिष्टनेमि
- B. ऋषभदेव
- C. महावीर स्वामी
- D. पार्श्वनाथ
Explanation
भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। ऋषभदेव प्रथम और पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे।
- A. नेमिनाथ की मूर्ति
- B. ऋषभदेव की मूर्ति
- C. महावीर की मूर्ति
- D. कलिंग जिन की मूर्ति
Explanation
राजा खारवेल ने मगध पर आक्रमण कर कलिंग जिन की मूर्ति को वापस प्राप्त किया था।
- A. दिगंबर
- B. स्थानकवासी
- C. श्वेतांबर
- D. मूर्तिपूजक
Explanation
स्थानकवासी श्वेतांबरों का एक उप-संप्रदाय है जो मंदिरों और मूर्तियों के स्थान पर सादगी में विश्वास रखता है।
- A. बहुत्ववाद (Pluralism)
- B. अद्वैतवाद
- C. शून्यवाद
- D. क्षणिकवाद
Explanation
यह मानता है कि सत्य अनंत है और उसके विभिन्न दृष्टिकोण हो सकते हैं।
- A. कुण्डग्राम (वैशाली)
- B. श्रावस्ती
- C. पावापुरी
- D. लुम्बिनी
Explanation
महावीर स्वामी का जन्म 540 ईसा पूर्व में वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था।
- A. सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह
- B. सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
- C. सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य
- D. क्षमा, दया, सत्य, त्याग
Explanation
पार्श्वनाथ ने चार व्रत दिए थे। पाँचवाँ व्रत 'ब्रह्मचर्य' महावीर स्वामी ने जोड़ा था।
- A. राजगृह
- B. पाटलिपुत्र
- C. वल्लभी
- D. पावापुरी
Explanation
प्रथम जैन संगीति 300 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में पाटलिपुत्र में हुई थी।
- A. अनंत वीर्य (शक्ति)
- B. अनंत दर्शन
- C. अनंत धन
- D. अनंत ज्ञान
Explanation
अनंत चतुष्टय में चार चीजें हैं: अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत सुख और अनंत वीर्य।
- A. अजातशत्रु
- B. दशरथ (अशोक का पौत्र)
- C. बिम्बिसार
- D. अशोक
Explanation
अशोक ने आजीवक संप्रदाय के लिए बनवाई थीं, जबकि दशरथ ने भी नागार्जुन पहाड़ियों में गुफाएं दान दी थीं।
- A. पाण्ड्य
- B. पल्लव
- C. होयसल
- D. चोल
Explanation
होयसल राजाओं ने जैन धर्म को संरक्षण दिया था, हालांकि बाद में वे वैष्णव बन गए थे।
- A. स्थूलभद्र
- B. जमालि
- C. सुधर्मन
- D. भद्रबाहु
Explanation
महावीर के 11 गणधरों में से केवल सुधर्मन ही उनकी मृत्यु के बाद जीवित बचे थे।
- A. हीनयान बौद्ध धर्म
- B. लोकयत पंथ
- C. जैन धर्म
- D. महायान बौद्ध धर्म
Explanation
गृहस्थों के लिए पाँच महाव्रतों के सरल रूप को 'अणुव्रत' कहा जाता है।
- A. आचार्य महाप्रज्ञ
- B. भद्रबाहु
- C. कुंदकुंद
- D. आचार्य तुलसी
Explanation
1949 में आचार्य तुलसी ने नैतिक मूल्यों के उत्थान के लिए अणुव्रत आंदोलन शुरू किया था।
- A. सर्प
- B. सिंह
- C. वृषभ
- D. हाथी
Explanation
ऋषभदेव का बैल, पार्श्वनाथ का सर्प और महावीर का प्रतीक सिंह है।
- A. मध्य प्रदेश
- B. राजस्थान
- C. गुजरात
- D. महाराष्ट्र
Explanation
जूनागढ़ (गुजरात) के पास गिरनार पहाड़ी 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ से संबंधित है।
- A. पुद्गल
- B. परमाणु
- C. अणु (Atom)
- D. जीव
Explanation
पुद्गल के सबसे अविभाज्य और सूक्ष्म रूप को परमाणु कहा गया है।
- A. गौतमी
- B. यशोधरा
- C. त्रिशला
- D. अनोज्जा (प्रियदर्शना)
Explanation
महावीर की पुत्री का नाम अनोज्जा था और उनके पति का नाम जमालि था।
- A. बौद्ध धर्म
- B. सांख्य दर्शन
- C. जैन धर्म
- D. वैष्णव धर्म
Explanation
स्याद्वाद का अर्थ है कि सत्य के कई पहलू हो सकते हैं (सप्तभंगी नय)।
- A. आंशिक ज्ञान या दृष्टिकोण
- B. भोजन का प्रकार
- C. एक नया मंदिर
- D. एक राजा
Explanation
सत्य को देखने के एक विशेष नजरिए को 'नय' कहा जाता है।
- A. संपत्ति का संचय न करना
- B. चोरी न करना
- C. हिंसा न करना
- D. झूठ न बोलना
Explanation
अपरिग्रह का अर्थ है किसी भी वस्तु या धन के प्रति आसक्ति न रखना और संग्रह न करना।
- A. अहिंसा
- B. ब्रह्मचर्य
- C. अपरिग्रह
- D. अस्तेय
Explanation
महावीर स्वामी ने इंद्रिय संयम के लिए ब्रह्मचर्य को अनिवार्य बताया।
- A. जीत (Jeet)
- B. जाति (Jati)
- C. जरा (Jara)
- D. जिन (Jin)
Explanation
जैन शब्द 'जिन' से निकला है, जिसका अर्थ है अपनी इंद्रियों को जीतने वाला या विजेता।
- A. मथुरा, स्थूलभद्र
- B. उज्जैन, भद्रबाहु
- C. वैशाली, साबाकामी
- D. वल्लभी, देवाधि क्षमाश्रमण
Explanation
512 ई. में गुजरात के वल्लभी में दूसरी संगीति हुई जहाँ जैन आगमों को लिपिबद्ध किया गया।
- A. जमालि
- B. भद्रबाहु
- C. आनंद
- D. स्थूलभद्र
Explanation
महावीर के दामाद जमालि उनके पहले शिष्य बने, हालाँकि बाद में उनका महावीर से मतभेद भी हुआ था।
- A. पार्श्वनाथ
- B. ऋषभदेव
- C. महावीर स्वामी
- D. अरिष्टनेमी
Explanation
ऋषभदेव (आदिनाथ) जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे। इनका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है।
- A. आत्मशुद्धि और क्षमा याचना के लिए
- B. फसल कटाई पर
- C. नए वर्ष के आगमन पर
- D. मंदिर स्थापना पर
Explanation
यह जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें उपवास और 'मिच्छामि दुक्कड़म' (क्षमा) कहा जाता है।
- A. सिद्धसेन दिवाकर
- B. हरिभद्र
- C. भद्रबाहु
- D. हेमचंद्र सूरी
Explanation
आचार्य हेमचंद्र अपनी असाधारण विद्वत्ता और विशाल साहित्य रचना के कारण इस उपाधि से प्रसिद्ध हुए।
- A. 3
- B. 24
- C. 5
- D. 7
Explanation
जैन धर्म में पाँच परमेष्ठी माने गए हैं: अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु।
- A. छह द्रव्य (Six Substances)
- B. सप्तभंगी नय
- C. पाँच महाव्रत
- D. त्रिरत्न
Explanation
जैन दर्शन के अनुसार संसार छह द्रव्यों से बना है—जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल।
- A. पार्श्वनाथ
- B. मल्लिनाथ
- C. शांतिनाथ
- D. अजीतनाथ
Explanation
19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ का प्रतीक चिह्न कलश (Jar) है।
- A. राहुल
- B. गौतम
- C. वर्धमान
- D. सिद्धार्थ
Explanation
महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था, जबकि उनके पिता का नाम सिद्धार्थ था।
- A. इस्लाम
- B. केवल बौद्ध
- C. पारसी
- D. जैन धर्म (मथुरा कला शैली)
Explanation
कुषाण काल के दौरान मथुरा जैन मूर्तिकला का सबसे बड़ा केंद्र था।
- A. मंदिर का पुजारी
- B. एक नया भिक्षु
- C. जो मोक्ष प्राप्त कर चुका हो
- D. जिसने मोह-माया पर विजय पा ली हो
Explanation
अरिहंत (शत्रु का नाश करने वाला) वह है जो जीवन मुक्त है लेकिन अभी शरीर धारण किए हुए है।
- A. जड़ पदार्थ (Matter)
- B. समय
- C. आत्मा
- D. आकाश
Explanation
जैन दर्शन में पुद्गल उस तत्व को कहते हैं जो रूप, गंध और स्पर्श युक्त होता है।
- A. पाल
- B. चंदेल
- C. चोल
- D. राष्ट्रकूट
Explanation
मध्य प्रदेश के खजुराहो में जैन और हिंदू मंदिरों का निर्माण चंदेल शासकों द्वारा किया गया था।
- A. जैन राजा
- B. जैन गृहस्थ (Lay followers)
- C. जैन भिक्षु
- D. जैन ग्रंथ
Explanation
जैन समाज भिक्षु, भिक्षुणी, श्रावक और श्राविका इन चार अंगों से मिलकर बना है।
- A. ऋषभदेव
- B. मल्लिनाथ
- C. पार्श्वनाथ
- D. नेमिनाथ (अरिष्टनेमि)
Explanation
22वें तीर्थंकर नेमिनाथ को भगवान कृष्ण का चचेरा भाई माना जाता है।
- A. पुरुष
- B. देवता
- C. स्त्री
- D. पशु
Explanation
श्वेतांबर 19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ को स्त्री मानते हैं, जबकि दिगंबर उन्हें पुरुष मानते हैं।
- A. मूर्तिकार
- B. ईश्वर का अवतार
- C. एक राजा
- D. संसार रूपी सागर को पार कराने वाला घाट बनाने वाला
Explanation
तीर्थ का अर्थ है वह मार्ग जो मनुष्य को भवसागर से पार ले जाए।
- A. काल चक्र (Time Cycle)
- B. कर्मों के प्रकार
- C. भोजन के नियम
- D. मंदिर की वास्तुकला
Explanation
जैन दर्शन में समय को दो भागों में बांटा गया है: ह्रास का काल (अवसर्पिणी) और उन्नति का काल (उत्सर्पिणी)।
- A. मल्ल
- B. लिच्छवी
- C. ज्ञातृक (Jnatrika)
- D. शाक्य
Explanation
महावीर स्वामी का जन्म वैशाली के पास कुण्डग्राम में ज्ञातृक कुल के राजा सिद्धार्थ के यहाँ हुआ था।
- A. आत्मा के साथ कर्म का जुड़ाव
- B. तपस्या द्वारा पूर्व संचित कर्मों को नष्ट करना
- C. जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति
- D. कर्म का आत्मा की ओर प्रवाह
Explanation
जब तप के माध्यम से आत्मा में पहले से मौजूद कर्मों को झाड़ दिया जाता है, तो उसे निर्जरा कहते हैं।
- A. 14 प्राचीन ग्रंथ
- B. 14 नियम
- C. 14 मंदिर
- D. 14 तीर्थंकर
Explanation
ये जैन धर्म के सबसे पुराने मूल ग्रंथ माने जाते हैं, जिनका ज्ञान बाद में लुप्त हो गया।
- A. श्रावस्ती
- B. सारनाथ
- C. विपुलांचल पहाड़ी (राजगृह)
- D. पावापुरी
Explanation
ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर ने राजगृह की विपुलांचल पहाड़ी पर वाराकर नदी के तट पर पहला उपदेश दिया था।
- A. गिरनार
- B. आबू पर्वत
- C. पारसनाथ पहाड़ी (झारखंड)
- D. शत्रुंजय पहाड़ी
Explanation
झारखंड की यह पहाड़ी जैन धर्म का सबसे पवित्र स्थल मानी जाती है।
- A. खेमा
- B. गौतमी
- C. यशोधरा
- D. चंदना
Explanation
चम्पा नरेश दधिवाहन की पुत्री चंदना, महावीर के भिक्षुणी संघ की प्रधान थीं।
- A. ब्राह्मी
- B. पाली
- C. प्राकृत (अर्द्धमागधी)
- D. संस्कृत
Explanation
आम जनमानस तक अपनी बात पहुँचाने के लिए महावीर ने प्राकृत भाषा का उपयोग किया।
- A. गंगा
- B. गंडक
- C. ऋजुपालिका
- D. निरंजना
Explanation
42 वर्ष की आयु में जृम्भिक ग्राम के पास ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ।
- A. पार्श्वनाथ
- B. नेमिनाथ
- C. महावीर स्वामी
- D. ऋषभदेव
Explanation
पार्श्वनाथ ने 4 महाव्रत दिए थे, महावीर ने पांचवां महाव्रत 'ब्रह्मचर्य' जोड़कर इन्हें पूर्ण किया।
- A. उज्जैन
- B. पाटलिपुत्र
- C. वल्लभी
- D. मथुरा
Explanation
5वीं-6वीं शताब्दी में वल्लभी में दूसरी संगीति के दौरान ग्रंथों को वर्तमान स्वरूप में लिखा गया।
- A. स्थानकवासी
- B. दिगंबर
- C. श्वेतांबर
- D. तेरापंथी
Explanation
दिगंबर संप्रदाय (आकाश ही जिनका वस्त्र है) पूर्ण अपरिग्रह और नग्नता का पालन करता है।
- A. उपरोक्त 1 और 3 दोनों
- B. कुमारपाल
- C. तेजपाल
- D. विमल शाह
Explanation
विमल शाह ने आदिनाथ मंदिर और तेजपाल-वस्तुपाल ने नेमिनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था।
- A. गति में सहायक तत्व (Principle of Motion)
- B. सत्य बोलना
- C. पूजा की विधि
- D. मजहब या पंथ
Explanation
जैन दर्शन में 'धर्म' का अर्थ वह तत्व है जो जीव और पुद्गल को गति करने में सहायता प्रदान करता है।
- A. खारवेल
- B. चामुण्डराय
- C. कृष्ण प्रथम
- D. अमोघवर्ष
Explanation
गंग वंश के मंत्री चामुण्डराय ने 10वीं शताब्दी में यह विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा बनवाई थी।
- A. इंद्रिय जन्य ज्ञान
- B. श्रवण ज्ञान
- C. दूसरे के मन का ज्ञान
- D. दिव्य ज्ञान (Clairvoyance)
Explanation
अवधि ज्ञान वह ज्ञान है जो देश और काल की सीमाओं के परे वस्तुओं को प्रत्यक्ष देख सकता है।
- A. मुक्ति का द्वार
- B. पवित्र जल
- C. ध्यान की अवस्था
- D. कर्म का पुद्गल की ओर बहना
Explanation
जब कर्म आत्मा की ओर आकर्षित होकर प्रवाहित होने लगते हैं, तो उसे आश्रव कहते हैं।
- A. अपभ्रंश
- B. संस्कृत
- C. पाली
- D. अर्द्धमागधी प्राकृत
Explanation
प्रारंभिक जैन ग्रंथों की रचना अर्द्धमागधी भाषा में हुई थी जो उस समय की लोकभाषा थी।
- A. पूर्ण ज्ञान (Perfect Knowledge)
- B. सत्य का मार्ग
- C. अहिंसा
- D. शांति
Explanation
जब आत्मा से कर्मों का पूर्ण अभाव हो जाता है, तो उसे 'कैवल्य' की प्राप्ति होती है।
- A. दान की राशि
- B. साधुओं का समूह
- C. मंदिर
- D. एक ग्रंथ
Explanation
श्वेतांबरों में साधुओं के अलग-अलग समूहों को गच्छ कहा जाता था।
- A. 5 वर्ष
- B. 12 वर्ष
- C. 15 वर्ष
- D. 10 वर्ष
Explanation
कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में हर 12 साल में यह भव्य उत्सव आयोजित किया जाता है।
- A. प्रकृति द्वारा
- B. ईश्वर द्वारा
- C. सार्वभौमिक विधान (Universal Law) द्वारा
- D. ब्रह्मा द्वारा
Explanation
जैन धर्म ईश्वर को सृष्टि का रचयिता नहीं मानता, बल्कि इसे एक शाश्वत और सार्वभौमिक नियम मानता है।
- A. गुरु की सेवा करना
- B. शास्त्रों का लेखन
- C. भिक्षा मांगना
- D. उपवास द्वारा प्राण त्यागना
Explanation
जैन धर्म में इसे 'काया-क्लेश' के माध्यम से शरीर त्यागने की एक पवित्र विधि माना गया है।
- A. पाटलिपुत्र
- B. मथुरा
- C. पावापुरी
- D. वल्लभी
Explanation
स्थूलभद्र की अध्यक्षता में प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में हुई जहाँ जैन धर्म दिगंबर और श्वेतांबर में बंट गया।
- A. भद्रबाहु
- B. हरिभद्र
- C. उमास्वामी
- D. हेमचंद्र
Explanation
भद्रबाहु ने संस्कृत में 'कल्पसूत्र' की रचना की थी, जो जैन धर्म का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
- A. सत्य के सात रूप/पहलू
- B. सात नरक
- C. सात चक्र
- D. मोक्ष के सात मार्ग
Explanation
यह स्याद्वाद का ही विस्तार है जो बताता है कि किसी भी कथन की सात संभावनाएं हो सकती हैं।
- A. बिन्दुसार
- B. चंद्रगुप्त मौर्य
- C. संप्रति
- D. अशोक
Explanation
मगध में 12 साल के अकाल के दौरान चंद्रगुप्त मौर्य जैन धर्म अपनाकर भद्रबाहु के साथ कर्नाटक चले गए थे।
- A. पुलकेशिन द्वितीय
- B. अमोघवर्ष (राष्ट्रकूट)
- C. कुमारपाल (चालुक्य)
- D. धर्मपाल (पाल)
Explanation
हेमचंद्र गुजरात के चालुक्य राजा जयसिंह सिद्धराज और कुमारपाल के सलाहकार थे।
- A. वल्लभी
- B. पाटलिपुत्र
- C. वैशाली
- D. राजगृह
Explanation
पहली जैन परिषद (संगीति) के दौरान ही श्वेतांबर और दिगंबर के बीच दरार आई।
- A. पार्श्वनाथ और महावीर
- B. शांतिनाथ और मल्लीनाथ
- C. अजीतनाथ और संभवनाथ
- D. ऋषभदेव और अरिष्टनेमि
Explanation
ऋग्वेद में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव और 22वें तीर्थंकर अरिष्टनेमि का नाम आता है।
- A. शैव धर्म
- B. जैन धर्म
- C. बौद्ध धर्म
- D. वैष्णव धर्म
Explanation
स्याद्वाद या 'अनेकांतवाद' जैन दर्शन का हिस्सा है, जो ज्ञान की सापेक्षता को दर्शाता है।
- A. कुण्डग्राम
- B. पावा
- C. राजगृह
- D. वैशाली
Explanation
महावीर ने पावा में अपना संघ बनाया और अपने 11 प्रमुख शिष्यों (गणधरों) को दीक्षा दी।

