1. किस राजा के शासनकाल में जैन धर्म 'दो संप्रदायों' (श्वेतांबर और दिगंबर) में विभाजित हो गया?
  • A. चंद्रगुप्त मौर्य
  • B. अशोक
  • C. हर्षवर्धन
  • D. कनिष्क
2. जैन धर्म के 'त्रिरत्न' में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है?
  • A. सम्यक ज्ञान
  • B. सम्यक दर्शन
  • C. सम्यक चरित्र
  • D. सम्यक वाणी
3. जैन दर्शन के 'पुण्य' और 'पाप' का संबंध किससे है?
  • A. कर्म के शुभ और अशुभ फल से
  • B. जाति व्यवस्था से
  • C. ईश्वर की कृपा से
  • D. केवल स्वर्ग जाने से
4. जैन धर्म में 'अपोह' (Apoha) सिद्धांत का खंडन किसने किया था?
  • A. जैनों ने
  • B. सांख्य ने
  • C. मीमांसा ने
  • D. बौद्धों ने
5. सिद्धों की श्रेणी में जैन धर्म किसे रखता है?
  • A. जो अभी तपस्या कर रहे हैं
  • B. जो राजा के सलाहकार हैं
  • C. जिनकी आत्मा जन्म-मरण से मुक्त हो गई है
  • D. जो केवल उपदेश देते हैं
6. जैन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार 'संलेखना' का अर्थ क्या है?
  • A. मौन व्रत
  • B. पवित्र स्नान
  • C. उपवास द्वारा प्राण त्यागना
  • D. शास्त्रों का वाचन
7. जैन धर्म में 'त्रिरत्न' का अर्थ क्या है?
  • A. तप, सेवा, दान
  • B. सत्य, अहिंसा, अस्तेय
  • C. बुद्ध, धम्म, संघ
  • D. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
8. किस मौर्य सम्राट ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में जैन धर्म स्वीकार कर 'संलेखना' पद्धति से प्राण त्यागे?
  • A. सम्प्रति
  • B. अशोक
  • C. बिन्दुसार
  • D. चंद्रगुप्त मौर्य
9. किस जैन ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल के '12 वर्ष के अकाल' का वर्णन है?
  • A. भगवती सूत्र
  • B. कल्पसूत्र
  • C. आचारांग सूत्र
  • D. परिशिष्टपर्वन (हेमचंद्र द्वारा)
10. किस जैन ग्रंथ में '16 महाजनपदों' की सूची मिलती है?
  • A. भगवती सूत्र
  • B. परिशिष्ट पर्वन
  • C. आचारांग सूत्र
  • D. कल्पसूत्र