प्रसिद्ध नाटक 'हरिकेली', जिसके अंश अढाई दिन का झोंपड़ा की दीवारों पर मिलते हैं, किसने लिखा था?
विग्रहराज चतुर्थ स्वयं एक महान कवि थे। उनके नाटक 'हरिकेली' की पंक्तियाँ आज भी अजमेर के अढाई दिन का झोंपड़ा (जो पहले एक संस्कृत विद्यालय था) में देखी जा सकती हैं।

Sign in to your account