हर्षवर्धन के बाद उत्तर भारत में 'साम्राज्यवादी युग' का अंत और 'क्षेत्रीय राज्यों के युग' की शुरुआत किस काल को माना जाता है?
यह काल अखिल भारतीय सत्ता की कमी और शक्तिशाली क्षेत्रीय शक्तियों (पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट) के संघर्ष का काल था।

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