जैन धर्म में ‘संवर’ (Samvara) का क्या अर्थ है?

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जैन धर्म में 'संवर' (Samvara) का क्या अर्थ है?
  • A. पूर्व संचित कर्मों का विनाश
  • B. मोक्ष की प्राप्ति
  • C. आत्मा में कर्म के प्रवाह को रोकना
  • D. कर्म का आत्मा की ओर प्रवाह
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