जैन धर्म में ‘अजीव’ के पाँच प्रकारों में ‘धर्म’ का क्या अर्थ है?

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जैन धर्म में 'अजीव' के पाँच प्रकारों में 'धर्म' का क्या अर्थ है?
  • A. सत्य बोलना
  • B. गति में सहायक तत्व (Principle of Motion)
  • C. मजहब या पंथ
  • D. पूजा की विधि
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