किस सूफी सिलसिले के संत 'राजकीय पदों' और 'धन-संपत्ति' को स्वीकार करने में संकोच नहीं करते थे?
चिश्ती संत गरीबी में रहने पर बल देते थे, जबकि सुहरावर्दी संत राजाओं के करीब रहने और भौतिक सुखों को बुरा नहीं मानते थे।

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